Haryana Day (हरियाणा दिवस) 1 नवंबर: हरियाणा राज्य का गठन कैसे हुआ

Haryana Day (हरियाणा दिवस) हर साल 1 नवंबर को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1966 में हरियाणा पंजाब से अलग होकर भारत का नया राज्य बना था। संसद ने 18 सितंबर 1966 को पंजाब पुनर्गठन अधिनियम पारित किया और 1 नवंबर 1966 को हरियाणा अस्तित्व में आया। इस लेख में जानिए हरियाणा राज्य का गठन कैसे हुआ, शुरुआत में राज्य कैसा था, पहले मुख्यमंत्री और राज्यपाल कौन थे, और यह दिन कैसे मनाया जाता है।
- Haryana Day: हर साल 1 नवंबर।
- हरियाणा का गठन: 1 नवंबर 1966, पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत।
- गठन के समय 7 ज़िले: अंबाला, करनाल, रोहतक, हिसार, जींद, गुरुग्राम (तब गुड़गांव) और महेंद्रगढ़।
- पहले मुख्यमंत्री: पंडित भगवत दयाल शर्मा; पहले राज्यपाल: धर्म वीर।
- चंडीगढ़ को केंद्र शासित प्रदेश बनाकर दोनों राज्यों की साझा राजधानी बनाया गया।
इस लेख में
- Haryana Day कब और क्यों मनाया जाता है
- हरियाणा राज्य का गठन कैसे हुआ
- “हरियाणा” नाम का अर्थ
- 1966 में हरियाणा के 7 ज़िले
- हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री और राज्यपाल
- Haryana Day कैसे मनाया जाता है
- Haryana Day पर याद करें: 1966 से आज तक हरियाणा की पहचान
- परीक्षा के लिए Haryana Day से जुड़े ज़रूरी बिंदु
- आम गलतियां
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- आखिर में काम की बात
Haryana Day कब और क्यों मनाया जाता है
1 नवंबर 1966 को हरियाणा देश का 17वां राज्य बना। इसी ऐतिहासिक दिन की याद में हर साल 1 नवंबर को Haryana Day मनाया जाता है। राज्य सरकार इस दिन राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करती है और स्कूलों, कॉलेजों तथा सरकारी संस्थानों में भी हरियाणा की संस्कृति, इतिहास और उपलब्धियों से जुड़े कार्यक्रम होते हैं।
हरियाणा राज्य का गठन कैसे हुआ
अलग राज्य की मांग
आज़ादी के बाद यह पूरा क्षेत्र पंजाब राज्य का हिस्सा था। पंजाब के हिंदी-भाषी इलाकों की भाषा, संस्कृति और विकास से जुड़ी ज़रूरतें अलग मानी जाती थीं, इसलिए यहां अलग राज्य की मांग धीरे-धीरे मज़बूत होती गई। भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की व्यापक पृष्ठभूमि में यह मांग राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बनी।
शाह आयोग और सीमाओं का निर्धारण
राज्य के बंटवारे से पहले पंजाब और नए राज्य की सीमाएं तय करने के लिए 1966 में न्यायमूर्ति जे. सी. शाह की अध्यक्षता में एक आयोग बनाया गया, जिसे शाह आयोग कहा जाता है। इसी आयोग की सिफारिशों के आधार पर दोनों राज्यों के इलाकों का बंटवारा तय हुआ।
पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966
संसद ने 18 सितंबर 1966 को पंजाब पुनर्गठन अधिनियम पारित किया। इसके तहत पंजाब के हिंदी-भाषी हिस्से से हरियाणा राज्य बना, कुछ पहाड़ी इलाके हिमाचल प्रदेश को दिए गए, और चंडीगढ़ को केंद्र शासित प्रदेश बनाकर दोनों राज्यों की अस्थायी साझा राजधानी घोषित किया गया।
| घटना | तारीख / जानकारी |
|---|---|
| पंजाब पुनर्गठन अधिनियम संसद से पारित | 18 सितंबर 1966 |
| हरियाणा राज्य का गठन | 1 नवंबर 1966 |
| गठन के समय ज़िले | 7 |
| पहले मुख्यमंत्री | पंडित भगवत दयाल शर्मा (1 नवंबर 1966 से) |
| पहले राज्यपाल | धर्म वीर |
| विधानसभा के पहले अध्यक्ष | राव बीरेंद्र सिंह |
| राजधानी | चंडीगढ़ (हरियाणा और पंजाब की साझा राजधानी) |
“हरियाणा” नाम का अर्थ
“हरियाणा” नाम की उत्पत्ति को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं। एक लोकप्रिय मान्यता के अनुसार यह “हरि” (भगवान) और “अयन” (निवास) से मिलकर बना है, यानी “भगवान का निवास”। कुछ विद्वान इसे इस क्षेत्र की हरियाली से भी जोड़ते हैं। इनमें से किसी एक मत को अंतिम सत्य नहीं माना जाता।
1966 में हरियाणा के 7 ज़िले
गठन के समय हरियाणा में सात ज़िले थे:
- अंबाला
- करनाल
- रोहतक
- हिसार
- जींद
- गुड़गांव (अब गुरुग्राम)
- महेंद्रगढ़
समय के साथ प्रशासनिक सुविधा के लिए नए ज़िले बनते गए और आज हरियाणा में ज़िलों की संख्या 20 से अधिक है।
हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री और राज्यपाल
पंडित भगवत दयाल शर्मा 1 नवंबर 1966 को हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री बने। रोहतक का पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (PGIMS) उन्हीं के नाम पर है। राज्य के पहले राज्यपाल धर्म वीर थे, जो उस समय पंजाब के भी राज्यपाल थे। हरियाणा विधानसभा के पहले अध्यक्ष के रूप में राव बीरेंद्र सिंह चुने गए, जो बाद में मुख्यमंत्री भी बने।
Haryana Day कैसे मनाया जाता है
इस दिन का मकसद नई पीढ़ी को राज्य के गठन की कहानी और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। आमतौर पर ये कार्यक्रम होते हैं:
- राज्य स्तरीय समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम
- स्कूलों और कॉलेजों में निबंध, भाषण, प्रश्नोत्तरी और लोक नृत्य प्रतियोगिताएं
- हरियाणवी लोक संगीत, रागनी और लोक नृत्यों की प्रस्तुति
- राज्य की उपलब्धियों और विकास योजनाओं से जुड़ी प्रदर्शनियां
Haryana Day पर याद करें: 1966 से आज तक हरियाणा की पहचान
गठन के समय हरियाणा मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान राज्य था। हरित क्रांति के दौर में यहां के किसानों ने अनाज उत्पादन में अहम भूमिका निभाई। आज हरियाणा खेती के साथ-साथ उद्योग, ऑटोमोबाइल और आईटी के बड़े केंद्रों के लिए भी जाना जाता है। खेलों में, खासकर कुश्ती, मुक्केबाज़ी और एथलेटिक्स में, हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश का नाम ऊंचा किया है।
| क्षेत्र | हरियाणा की पहचान |
|---|---|
| कृषि | गेहूं, धान, सरसों जैसी फसलें; मुर्रा भैंस |
| उद्योग | गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे औद्योगिक केंद्र |
| खेल | कुश्ती, मुक्केबाज़ी, एथलेटिक्स में देश को कई पदक |
| संस्कृति | सांझी, फाग, लूर, रागनी और सांग की लोक परंपराएं |
| इतिहास | कुरुक्षेत्र, पानीपत और राखीगढ़ी जैसे ऐतिहासिक स्थल |
परीक्षा के लिए Haryana Day से जुड़े ज़रूरी बिंदु
- हरियाणा दिवस – 1 नवंबर।
- हरियाणा का गठन – 1 नवंबर 1966।
- पंजाब पुनर्गठन अधिनियम – 18 सितंबर 1966 को संसद से पारित।
- गठन के समय ज़िले – 7।
- पहले मुख्यमंत्री – पंडित भगवत दयाल शर्मा।
- पहले राज्यपाल – धर्म वीर।
- राजधानी – चंडीगढ़ (साझा)।
आम गलतियां
- हरियाणा दिवस को 1 नवंबर 1956 लिखना: सही वर्ष 1966 है; 1956 राज्यों के पुनर्गठन अधिनियम का वर्ष है।
- पहले मुख्यमंत्री में राव बीरेंद्र सिंह का नाम: वे विधानसभा के पहले अध्यक्ष थे और बाद में मुख्यमंत्री बने; पहले मुख्यमंत्री पंडित भगवत दयाल शर्मा थे।
- चंडीगढ़ को हरियाणा का ज़िला समझना: चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश है।
राजधानी से जुड़ी पूरी जानकारी हरियाणा की राजधानी वाले लेख में और हरियाणा के इतिहास का सबसे चर्चित अध्याय पानीपत के तीनों युद्धों में पढ़ें। हरियाणा की लोक परंपरा के लिए सांझी कला और घूमने की जगहों के लिए हरियाणा पर्यटन गाइड देखें। और लेखों के लिए इतिहास श्रेणी और Newspoke होमपेज पर जाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Haryana Day कब मनाया जाता है?
हरियाणा दिवस हर साल 1 नवंबर को मनाया जाता है।
हरियाणा राज्य का गठन कब हुआ?
हरियाणा का गठन 1 नवंबर 1966 को पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत हुआ।
हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री कौन थे?
पंडित भगवत दयाल शर्मा हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री थे।
हरियाणा के पहले राज्यपाल कौन थे?
धर्म वीर हरियाणा के पहले राज्यपाल थे।
गठन के समय हरियाणा में कितने ज़िले थे?
सात – अंबाला, करनाल, रोहतक, हिसार, जींद, गुड़गांव (अब गुरुग्राम) और महेंद्रगढ़।
पंजाब पुनर्गठन अधिनियम कब पारित हुआ?
संसद ने इसे 18 सितंबर 1966 को पारित किया।
हरियाणा किस राज्य से अलग होकर बना?
हरियाणा पंजाब से अलग होकर बना।
हरियाणा भारत का कौन-सा राज्य बना था?
1 नवंबर 1966 को हरियाणा भारत का 17वां राज्य बना था।
आखिर में काम की बात
Haryana Day सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि हरियाणा की अलग पहचान, संघर्ष और विकास यात्रा का उत्सव है। 1 नवंबर 1966, सात ज़िले, पहले मुख्यमंत्री और साझा राजधानी – ये तथ्य याद रखें, क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं में ये अक्सर पूछे जाते हैं। निबंध या भाषण की तैयारी कर रहे हैं तो हमारा हरियाणा दिवस निबंध वाला लेख भी देखें।
