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PM Vishwakarma Yojana: पात्रता, लाभ और रजिस्ट्रेशन

PM Vishwakarma Yojana: पात्रता, लाभ और रजिस्ट्रेशन
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PM Vishwakarma Yojana (प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना) केंद्र सरकार की योजना है, जो पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों – जैसे बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, दर्जी, मोची, राजमिस्त्री – को पहचान, कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक औज़ार और सस्ता लोन देती है। 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई इस योजना में 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं। पात्र कारीगर को प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड, ₹500 प्रतिदिन वज़ीफे के साथ प्रशिक्षण, ₹15,000 तक का टूलकिट ई-वाउचर और 5% ब्याज पर ₹3 लाख तक का बिना गारंटी लोन मिल सकता है।

संक्षेप में: PM Vishwakarma Yojana में 18 पारंपरिक व्यवसायों के कारीगरों को PM विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड, ₹500 प्रतिदिन वज़ीफे के साथ बेसिक और एडवांस्ड प्रशिक्षण, ₹15,000 तक का टूलकिट ई-वाउचर और दो किस्तों में ₹3 लाख तक का बिना गारंटी लोन (पहली किस्त ₹1 लाख, दूसरी ₹2 लाख) 5% ब्याज पर मिलता है। आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए और परिवार से केवल एक सदस्य लाभ ले सकता है।
मुख्य बातें (Key Takeaways)
  • PM Vishwakarma Yojana 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई; 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल।
  • प्रशिक्षण: बेसिक (5–7 दिन) और एडवांस्ड (15 दिन या अधिक), ₹500 प्रतिदिन वज़ीफा।
  • टूलकिट: ₹15,000 तक का ई-वाउचर।
  • लोन: ₹1 लाख (18 महीने) + ₹2 लाख (30 महीने), 5% ब्याज, बिना गारंटी।
  • परिवार (पति, पत्नी, अविवाहित बच्चे) से केवल एक सदस्य; सरकारी कर्मचारी के परिवार पात्र नहीं।
इस लेख में
  1. PM Vishwakarma Yojana: मुख्य तथ्य
  2. PM Vishwakarma Yojana में मिलने वाले लाभ
  3. PM Vishwakarma Yojana में शामिल 18 व्यवसाय
  4. PM Vishwakarma Yojana की पात्रता
  5. ज़रूरी दस्तावेज़
  6. PM Vishwakarma Yojana में पंजीकरण कैसे करें
  7. प्रशिक्षण में क्या सिखाया जाता है
  8. हरियाणा के कारीगरों के लिए
  9. लोन कैसे मिलता है
  10. योजना का फायदा कैसे बढ़ाएं
  11. PM Vishwakarma Yojana में आम गलतियां
  12. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  13. आखिर में काम की बात

PM Vishwakarma Yojana: मुख्य तथ्य

जानकारीविवरण
शुरुआत17 सितंबर 2023
प्रकारकेंद्रीय क्षेत्र की योजना (भारत सरकार)
कवर व्यवसाय18 पारंपरिक व्यवसाय
न्यूनतम आयु18 वर्ष
परिवार सीमाएक परिवार से एक सदस्य
पंजीकरणकॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के ज़रिए
PM Vishwakarma Yojana एक नज़र में

PM Vishwakarma Yojana में मिलने वाले लाभ

लाभविवरण
पहचानPM विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड
बेसिक प्रशिक्षण5–7 दिन, ₹500 प्रतिदिन वज़ीफा
एडवांस्ड प्रशिक्षण15 दिन या अधिक (वैकल्पिक), ₹500 प्रतिदिन वज़ीफा
टूलकिट प्रोत्साहन₹15,000 तक का ई-वाउचर (आधुनिक औज़ार खरीदने के लिए)
पहली किस्त का लोन₹1 लाख तक, 18 महीने में चुकाना
दूसरी किस्त का लोन₹2 लाख तक, 30 महीने में चुकाना
ब्याज दर5% (बाकी ब्याज का भार सरकार उठाती है)
डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहनपात्र डिजिटल लेनदेन पर छोटा प्रोत्साहन
मार्केटिंग सहायताउत्पादों की ब्रांडिंग और बाज़ार से जोड़ने में मदद
PM Vishwakarma Yojana के लाभ

PM Vishwakarma Yojana में शामिल 18 व्यवसाय

क्रमव्यवसाय
1बढ़ई (सुथार)
2नाव बनाने वाले
3अस्त्र बनाने वाले (आर्मरर)
4लोहार
5हथौड़ा और टूलकिट बनाने वाले
6ताला बनाने वाले
7सुनार
8कुम्हार
9मूर्तिकार/पत्थर तराशने वाले
10मोची/जूता बनाने वाले
11राजमिस्त्री
12टोकरी, चटाई, झाड़ू बनाने वाले
13पारंपरिक गुड़िया और खिलौने बनाने वाले
14नाई
15माला बनाने वाले
16धोबी
17दर्जी
18मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले
PM विश्वकर्मा योजना के 18 व्यवसाय

PM Vishwakarma Yojana की पात्रता

  • हाथों और औज़ारों से काम करने वाला कारीगर हो और 18 में से किसी व्यवसाय में स्व-रोज़गार के आधार पर काम करता हो।
  • पंजीकरण की तारीख पर उम्र कम से कम 18 साल हो।
  • परिवार (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे) से केवल एक सदस्य पंजीकरण कर सकता है।
  • परिवार में कोई सरकारी सेवा में न हो।
  • पिछले कुछ वर्षों में स्वरोज़गार/व्यवसाय के लिए मिलती-जुलती केंद्रीय/राज्य ऋण योजनाओं का लाभ न लिया हो (योजना के नियमों के अनुसार)।

ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
  • बैंक खाता विवरण
  • राशन कार्ड (परिवार की जानकारी के लिए, जहां मांगा जाए)
  • व्यवसाय से जुड़ी जानकारी

PM Vishwakarma Yojana में पंजीकरण कैसे करें

  1. नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं।
  2. आधार आधारित बायोमेट्रिक/मोबाइल सत्यापन से पंजीकरण कराएं।
  3. अपना व्यवसाय, बैंक और परिवार की जानकारी भरवाएं।
  4. आवेदन का सत्यापन ग्राम पंचायत/शहरी स्थानीय निकाय, ज़िला स्तर और राज्य स्तर पर होता है।
  5. स्वीकृति के बाद प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड मिलता है, फिर प्रशिक्षण, टूलकिट और लोन के चरण आते हैं।

प्रशिक्षण में क्या सिखाया जाता है

प्रशिक्षण का उद्देश्य पारंपरिक हुनर को आधुनिक ज़रूरतों से जोड़ना है। इसमें आमतौर पर नए औज़ारों का सही इस्तेमाल, काम की गुणवत्ता सुधारने के तरीके, डिजिटल भुगतान अपनाना, ग्राहकों और बाज़ार तक पहुंच, और व्यवसाय के लिए लोन व हिसाब-किताब की बुनियादी समझ शामिल होती है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन ₹500 का वज़ीफा मिलता है, ताकि कारीगर की रोज़ की कमाई का नुकसान कम हो।

हरियाणा के कारीगरों के लिए

हरियाणा में भी बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, नाई और राजमिस्त्री जैसे बड़ी संख्या में पारंपरिक कारीगर हैं। ऐसे कारीगर नज़दीकी CSC या अटल सेवा केंद्र से पंजीकरण की जानकारी ले सकते हैं। राज्य की दूसरी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फैमिली आईडी और सही बैंक विवरण भी अपडेट रखें।

लोन कैसे मिलता है

बेसिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पहली किस्त में ₹1 लाख तक का लोन मिल सकता है, जिसे 18 महीने में चुकाना होता है। पहली किस्त चुकाने और डिजिटल लेनदेन अपनाने/एडवांस्ड प्रशिक्षण जैसी शर्तें पूरी करने पर दूसरी किस्त में ₹2 लाख तक का लोन मिल सकता है, जिसकी अवधि 30 महीने है। दोनों पर ब्याज 5% है और किसी गारंटी (कोलैटरल) की ज़रूरत नहीं होती।

योजना का फायदा कैसे बढ़ाएं

  • प्रशिक्षण में सीखी तकनीकों को अपने काम में तुरंत अपनाएं।
  • टूलकिट से गुणवत्ता वाले औज़ार चुनें, जो लंबे समय तक चलें।
  • डिजिटल भुगतान स्वीकार करें, इससे दूसरी किस्त के लोन में मदद मिलती है।
  • लोन की किस्तें समय पर चुकाएं, ताकि आगे का लाभ न रुके।

PM Vishwakarma Yojana में आम गलतियां

  • परिवार से एक से ज़्यादा आवेदन: डुप्लीकेट आवेदन रद्द हो जाते हैं।
  • गलत व्यवसाय चुनना: वही व्यवसाय चुनें जो आप वास्तव में करते हैं।
  • प्रशिक्षण छोड़ना: टूलकिट और लोन के लिए प्रशिक्षण ज़रूरी चरण है।
  • बिचौलियों को पैसे देना: पंजीकरण सरकारी व्यवस्था से होता है; किसी को अतिरिक्त पैसे न दें।
ध्यान दें: योजना के लाभ और शर्तें केंद्र सरकार बदल सकती है। आवेदन से पहले नज़दीकी CSC या योजना के आधिकारिक पोर्टल से ताज़ा जानकारी लें। Newspoke कोई आवेदन स्वीकार नहीं करता।

असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए ई-श्रम कार्ड और आवास सहायता के लिए PM Awas Yojana गाइड देखें। हरियाणा की राज्य योजनाओं के लिए हरियाणा सरकार की योजनाओं की सूची पढ़ें। और लेखों के लिए सरकारी योजनाएं श्रेणी और Newspoke होमपेज पर जाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

PM Vishwakarma Yojana क्या है?

पारंपरिक कारीगरों के लिए केंद्र की योजना, जिसमें पहचान, प्रशिक्षण, टूलकिट और सस्ता लोन मिलता है।

PM Vishwakarma Yojana कब शुरू हुई?

17 सितंबर 2023 को।

PM Vishwakarma Yojana में कितना लोन मिलता है?

दो किस्तों में कुल ₹3 लाख तक – पहले ₹1 लाख और फिर ₹2 लाख – 5% ब्याज पर, बिना गारंटी।

PM Vishwakarma Yojana में टूलकिट के लिए कितनी राशि मिलती है?

₹15,000 तक का ई-वाउचर।

प्रशिक्षण में कितना वज़ीफा मिलता है?

₹500 प्रतिदिन।

PM Vishwakarma Yojana में कितने व्यवसाय शामिल हैं?

18 पारंपरिक व्यवसाय, जैसे बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, दर्जी, नाई, राजमिस्त्री आदि।

PM Vishwakarma Yojana में पंजीकरण कहां होता है?

नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर आधार आधारित सत्यापन से।

क्या परिवार के दो लोग PM Vishwakarma Yojana का लाभ ले सकते हैं?

नहीं, परिवार (पति, पत्नी, अविवाहित बच्चे) से केवल एक सदस्य पात्र है।

आखिर में काम की बात

PM Vishwakarma Yojana पारंपरिक हुनर को आधुनिक औज़ार, प्रशिक्षण और सस्ते लोन से जोड़ने का अवसर है। अगर आप या आपके परिवार में कोई 18 व्यवसायों में से किसी में काम करता है, तो नज़दीकी CSC पर पंजीकरण कराएं, प्रशिक्षण पूरा करें और फिर टूलकिट व लोन के चरणों का फायदा उठाएं।

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