सीधे सामग्री पर जाएं
सरकारी योजनाएं

Lado Sakhi Yojana: हरियाणा की नई योजना, बेटी के जन्म पर ₹1,000 प्रोत्साहन

Lado Sakhi Yojana: हरियाणा की नई योजना, बेटी के जन्म पर ₹1,000 प्रोत्साहन

Lado Sakhi Yojana हरियाणा सरकार की एक नई योजना है, जिसे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 28 जुलाई 2025 को अंबाला शहर में राज्यस्तरीय हरियाली तीज कार्यक्रम में लॉन्च किया। यह योजना ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान को और मज़बूत करने और राज्य के लिंगानुपात को बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई है। इस लेख में हम Lado Sakhi Yojana के मक़सद, काम करने के तरीके़ और इससे जुड़े प्रोत्साहन राशि की पूरी जानकारी सरल हिंदी में देंगे।

संक्षेप में: Lado Sakhi Yojana में हर गांव/वार्ड में एक आंगनवाड़ी, आशा या एएनएम वर्कर को ‘लाडो सखी’ बनाया जाता है, जो गर्भवती महिला की डिलीवरी तक देखभाल करती है। बेटी के जन्म पर संबंधित लाडो सखी को ₹1,000 का प्रोत्साहन दिया जाता है।

इस लेख में
  1. Lado Sakhi Yojana क्या है?
  2. Lado Sakhi Yojana का उद्देश्य
  3. लाडो सखी का काम और प्रोत्साहन राशि
  4. Badhte Kadam: Digital Bal Programme भी हुआ लॉन्च
  5. Lado Sakhi Yojana बनाम Lado Lakshmi Yojana: क्या फर्क है?
  6. हरियाणा में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का सफर
  7. योजना की जानकारी कैसे और कहां मिलेगी
  8. हरियाणा की अन्य योजनाओं से जुड़ाव
  9. Lado Sakhi Yojana से जुड़े सवाल-जवाब (FAQ)

Lado Sakhi Yojana क्या है?

Lado Sakhi Yojana के तहत हरियाणा सरकार हर क्षेत्र में काम कर रही आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर या एएनएम (ANM) में से किसी एक को ‘लाडो सखी’ के रूप में नामित करती है। लाडो सखी की ज़िम्मेदारी होती है कि वह अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं के संपर्क में रहे, डिलीवरी तक उनकी देखभाल और मार्गदर्शन करे, ताकि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिले और बेटियों के जन्म को खुशी से मनाया जाए।

जानकारी विवरण
योजना का नाम Lado Sakhi Yojana
लॉन्च तिथि 28 जुलाई 2025
लॉन्च स्थान अंबाला शहर (राज्यस्तरीय हरियाली तीज कार्यक्रम)
शुरू करने वाले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
उद्देश्य लिंगानुपात सुधारना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को मज़बूत करना
लाडो सखी कौन आंगनवाड़ी वर्कर / आशा वर्कर / एएनएम
प्रोत्साहन राशि हर बेटी के जन्म पर ₹1,000
जुड़ी हुई योजना Badhte Kadam: डिजिटल बाल कार्यक्रम

Lado Sakhi Yojana का उद्देश्य

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लॉन्च के समय बताया कि हरियाणा का लिंगानुपात 2014 में 871 था, जो 2025 में सुधरकर 906 तक पहुंच गया है। Lado Sakhi Yojana इसी सुधार को आगे बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई है, ताकि हर गांव और वार्ड में बेटी के जन्म पर खुशी मनाने और परिवार को सहयोग देने का माहौल बने।

  • बेटी के जन्म को प्रोत्साहित करना और सामाजिक सोच बदलना
  • गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी तक नियमित मार्गदर्शन व सहयोग देना
  • संस्थागत (अस्पताल में) प्रसव को बढ़ावा देना
  • आंगनवाड़ी/आशा नेटवर्क को बेटी बचाओ अभियान से सीधे जोड़ना

लाडो सखी का काम और प्रोत्साहन राशि

हर क्षेत्र में नामित लाडो सखी गर्भवती महिला के पंजीकरण से लेकर डिलीवरी तक संपर्क में रहती है। जब उस महिला के घर बेटी जन्म लेती है, तो संबंधित लाडो सखी (आंगनवाड़ी/आशा/एएनएम वर्कर) को हरियाणा सरकार की तरफ से ₹1,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह राशि सीधे फील्ड वर्कर्स को प्रेरित करने के लिए है, ताकि वे बेटी के जन्म के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

Badhte Kadam: Digital Bal Programme भी हुआ लॉन्च

Lado Sakhi Yojana के साथ ही मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए ‘Badhte Kadam: Digital Bal Programme’ भी लॉन्च किया। इसका मकसद आंगनवाड़ी वर्कर्स को डिजिटल टूल्स के ज़रिए बेहतर सुविधा देना है, ताकि वे छोटे बच्चों की देखभाल और शुरुआती शिक्षा (Early Childhood Care and Education) को और बेहतर तरीके से संभाल सकें।

ध्यान रखें

Lado Sakhi Yojana में आम नागरिकों के लिए अभी कोई अलग आवेदन प्रक्रिया घोषित नहीं हुई है — यह योजना मुख्य रूप से आंगनवाड़ी/आशा/एएनएम वर्कर्स के लिए प्रोत्साहन के तौर पर काम करती है। पात्रता, आवेदन या अतिरिक्त दिशा-निर्देशों के लिए अपने नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र या महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा से संपर्क करें।

Lado Sakhi Yojana बनाम Lado Lakshmi Yojana: क्या फर्क है?

हरियाणा में महिलाओं और बेटियों से जुड़ी कई योजनाएं चल रही हैं, इसलिए Lado Sakhi Yojana को अक्सर Lado Lakshmi Yojana के साथ कंफ्यूज़ किया जाता है। दोनों अलग-अलग मकसद से चलाई जा रही हैं।

बिंदु Lado Sakhi Yojana Lado Lakshmi Yojana
लाभार्थी आंगनवाड़ी/आशा/एएनएम वर्कर पात्र महिलाएं (परिवार)
लाभ बेटी के जन्म पर ₹1,000 प्रोत्साहन मासिक ₹2,100 सहायता
उद्देश्य लिंगानुपात सुधारना, संस्थागत प्रसव बढ़ाना महिलाओं को आर्थिक सहायता
लॉन्च वर्ष 2025 2025 (लागू: सितंबर 2025 से)

हरियाणा में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का सफर

हरियाणा देश का वह राज्य रहा है जहां से ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत 2015 में पानीपत से हुई थी, क्योंकि उस समय राज्य का लिंगानुपात देश में सबसे कमज़ोर स्थिति में था। पिछले एक दशक में सरकार, आंगनवाड़ी नेटवर्क और सामाजिक जागरूकता अभियानों की मदद से हरियाणा का लिंगानुपात 871 (2014) से बढ़कर 906 (2025) तक पहुंचा है। Lado Sakhi Yojana इसी लंबी मुहिम की अगली कड़ी है, जो ज़मीनी स्तर पर आंगनवाड़ी और आशा वर्कर नेटवर्क को सीधे प्रोत्साहन के ज़रिए जोड़ती है।

योजना की जानकारी कैसे और कहां मिलेगी

Lado Sakhi Yojana से जुड़ी ताज़ा जानकारी, दिशा-निर्देश और आगे के अपडेट के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा या अपने नज़दीकी आंगनवाड़ी केंद्र से संपर्क करना सबसे भरोसेमंद तरीका है। चूंकि योजना अभी नई है, इसलिए आने वाले महीनों में इसके दायरे और प्रोत्साहन राशि में बदलाव भी संभव है — ऐसे किसी भी अपडेट के लिए आधिकारिक सरकारी सूचना पर ही भरोसा करें।

हरियाणा की अन्य योजनाओं से जुड़ाव

Lado Sakhi Yojana राज्य की अन्य हरियाणा सरकार की योजनाओं की तरह ज़मीनी स्तर पर महिला व बाल कल्याण को मज़बूत करने के लिए बनाई गई है। कई सरकारी योजनाओं के फॉर्म भरते समय परिवार पहचान पत्र ज़रूरी होता है — इसके लिए आप सरल हरियाणा पोर्टल पर भी जानकारी देख सकते हैं।

मुख्य बातें (Key Takeaways)
  • Lado Sakhi Yojana 28 जुलाई 2025 को अंबाला में सीएम नायब सिंह सैनी ने लॉन्च की।
  • हर क्षेत्र की आंगनवाड़ी/आशा/एएनएम वर्कर को ‘लाडो सखी’ बनाया जाता है।
  • बेटी के जन्म पर संबंधित लाडो सखी को ₹1,000 प्रोत्साहन राशि मिलती है।
  • उद्देश्य: लिंगानुपात सुधारना (2014 में 871 से 2025 में 906)।
  • साथ में ‘Badhte Kadam: Digital Bal Programme’ भी लॉन्च हुआ।

Lado Sakhi Yojana से जुड़े सवाल-जवाब (FAQ)

Lado Sakhi Yojana क्या है?

Lado Sakhi Yojana हरियाणा सरकार की योजना है, जिसमें हर क्षेत्र की आंगनवाड़ी/आशा/एएनएम वर्कर को ‘लाडो सखी’ बनाया जाता है, जो गर्भवती महिला की डिलीवरी तक देखभाल करती है।

Lado Sakhi Yojana कब शुरू हुई?

यह योजना 28 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंबाला शहर में राज्यस्तरीय हरियाली तीज कार्यक्रम के दौरान शुरू की।

Lado Sakhi Yojana में कितनी प्रोत्साहन राशि मिलती है?

बेटी के जन्म पर संबंधित लाडो सखी (आंगनवाड़ी/आशा/एएनएम वर्कर) को ₹1,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

Lado Sakhi कौन बन सकता है?

किसी भी क्षेत्र की कार्यरत आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर या एएनएम (ANM) को लाडो सखी के रूप में नामित किया जाता है।

Lado Sakhi Yojana का उद्देश्य क्या है?

इसका मुख्य उद्देश्य हरियाणा के लिंगानुपात को सुधारना और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को मज़बूत करना है।

क्या Lado Sakhi Yojana और Lado Lakshmi Yojana एक ही है?

नहीं, दोनों अलग-अलग योजनाएं हैं। Lado Lakshmi Yojana पात्र महिलाओं को मासिक ₹2,100 देती है, जबकि Lado Sakhi Yojana बेटी के जन्म पर आंगनवाड़ी/आशा वर्कर को प्रोत्साहन देती है।

क्या आम लोग Lado Sakhi Yojana के लिए आवेदन कर सकते हैं?

अभी तक आम नागरिकों के लिए अलग आवेदन प्रक्रिया घोषित नहीं हुई है; यह मुख्यतः आंगनवाड़ी/आशा/एएनएम वर्कर्स से जुड़ी योजना है।

कुल मिलाकर, Lado Sakhi Yojana हरियाणा सरकार की उन कोशिशों में शामिल है जो बेटी के जन्म को सीधे ज़मीनी कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन से जोड़ती हैं। अगर आपके परिवार में हाल में बेटी का जन्म हुआ है या आप आंगनवाड़ी/आशा नेटवर्क से जुड़े हैं, तो अपने क्षेत्र की लाडो सखी से संपर्क कर इस योजना की ताज़ा स्थिति जान सकते हैं।

यह लेख कैसे तैयार किया गया इस लेख की जानकारी संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, सरकारी अधिसूचनाओं और दिशानिर्देशों से जांचकर लिखी गई है। जानकारी बदलने पर लेख अपडेट किया जाता है। हमारी संपादकीय नीति पढ़ें
अस्वीकरण: Newspoke एक स्वतंत्र वेबसाइट है। हमारा हरियाणा सरकार, भारत सरकार, किसी सरकारी विभाग या किसी भी सरकारी योजना से कोई संबंध नहीं है। हम कोई आवेदन या शुल्क नहीं लेते। योजनाओं और भर्तियों की अंतिम जानकारी हमेशा आधिकारिक वेबसाइट पर जांचें।
Newspoke टीम संपादकीय टीम · सरकारी योजनाएं, सरकारी सेवाएं, खेती और ज़मीन-जायदाद

Newspoke टीम हरियाणा और केंद्र सरकार की योजनाओं, सरकारी सेवाओं, परीक्षाओं, खेती-किसानी और ज़मीन-जायदाद से जुड़े विषयों पर सरल हिंदी में गाइड लिखती है। हर लेख संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, सरकारी अधिसूचना या दिशानिर्देश से जांचा जाता है, जहां संभव हो आधिकारिक लिंक दिया जाता है, और नियम बदलने पर लेख अपडेट किया जाता है।

यह भी पढ़ें